हस्तमैथुन कितना नुकसानदायक है।
बचपन में गलत संगत मे पड़जाने के कारण हम अपना वीर्य शरीर के रस को पानी की तरह बहा देते है। जो वीर्य हमारे शरीर को बलवान रखता है। और वीर्य इतना ताकतवर होता है। इसके निकलने के बाद शरीर ऐसे हो जाता है। जैसे काटा हुआ पेड़ थोड़े से मज़े के खातिर हम अपनी जि़न्दगी बरबाद कर लेते है। शुरू मे स्वप्नदोष की शिकायत होती है। वीर्य पानी की तरह पतला हो जाता है। कपड़े की रगड़ या थोड़ी छेड़छाड़ से वीर्य निकल जाता है। मरीज़ कमजा़ेर और चेहरे का रंग पीला मानसीक रूप से परेशान हो जाता है। अधिक रोग बढ़ने पर नामर्दी भी हो जाती है। अगर आपको कोई परेशानी है तो हमसे आकर मिले या घर बैठे दवाई मगंवाकर इलाज कराये हमारा पताः जमील शफाखाना मोहल्ला लकड़ा धनौरा रोड अमरोहा - 244221
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