Thursday, 24 September 2015

हस्तमैथुन के बारे में

बचपन में नादानी व अज्ञानता के कारण हम अपने बहुमूल्य रत्न यानि वीर्य को पानी की तरह व्यर्थ में बहा देते हैं जिससे अनेक प्रकार के रोग पैदा हो जाते हैं। शुरु में स्वप्नदोष की शिकायत और शौच करते समय धात जाने लगती है शीघ्रपतन का रोग पैदा हो जाता है। कपड़े की रगड़ या गलत ख्याल मन में आते ही वीर्य निकल जाता है। इंद्री की नसें उभर जाती है इंद्री में टेढ़, पतला व छोटापन आ जाता है।


 

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